विपक्ष ने सदन से किया वाकआउट
तपोवन (धर्मशाला)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी पंचायत चुनाव में देरी का मुद्दा गरमाया। विपक्ष द्वारा लाए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। विपक्ष ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की भाषा पर आपत्ति जताई। साथ ही कहा कि अगर मंत्री ऐसी भाषा का प्रयोग करते रहे तो विपक्ष सदन में उनकी बात नहीं सुनेगा।
विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि नियम 67 के अंतर्गत सदन में जो चर्चा चल रही थी, उसके जवाब में सत्ता पक्ष की तरफ से राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने जब बोलना शुरू किया तो जिस विषय पर चर्चा चल रही है, उसके बारे बोल ही नहीं रहे हैं।
वह शुरू ही सराज और जयराम ठाकुर से होते हैं और खत्म भी सराज और जयराम ठाकुर पर करते हैं। हम काफी हद तक सुनते रहे, लेकिन उन्होंने बदतमीजी की सारी हदें लांघ दी और यह उन्हें पीड़ा के साथ बोलना पड़ रहा है। उनकी हर बार और हर वक्त की आदत बन गई। सरकार की मजबूरी हो सकती है, ऐसे आदमी को ढोने की, लेकिन हमारी ऐसी कोई मजबूरी नहीं है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के जिन शब्दों का प्रयोग किया, वे कार्यवाही में रखने लायक नहीं थे। हमें उनकी भाषा पर आपत्ति थी। हमने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया से भी आग्रह किया कि मंत्री ने गलत भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और शब्द कार्यवाही से निकालने चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सराज में आपदा से 33 लोगों की मौत हुई है। अभी तक 22 के शव नहीं मिले हैं। पीड़ित परिवारों पर मामले दर्ज किए हैं। ऐसे में सदन में ऐसी भाषा का प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल में धारा 118 में क्या चल रहा है, कौन लोग नीचे से फाइल ला रहे हैं और कौन बोल रहे हैं कि दो दिन में काम कर देंगे। आने वाले समय में इन सब बातों से पर्दा उठेगा। आगे भी अगर राजस्व मंत्री ऐसी भाषा का प्रयोग करते रहे तो हम सदन में उनकी बात नहीं सुनेंगे। वहीं, इसी मुद्दे पर भाजपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से उनके कक्ष में मुलाकात कर औपचारिक शिकायत भी दर्ज करवाई।
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